नई दिल्ली: यूपी पुलिस ने कानपुर के मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे को एनकाउंटर के बाद मार गिराया है। हालांकि इससे पहले पुलिस ने उसके साथी और रिश्ते में भतीजे अमर दुबे को ढेर किया था। अमर दुबे के पिता की 7 साल पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, लेकिन आज वह अचानक जिंदा हो उठा। इस खबर के सामने आने के बाद यूपी पुलिस के भी होश उड़ गए।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश अमर दुबे के पिता संजय दुबे बिकरू गांव में एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान जिंदा हो उठे। इसी गांव में विकास दुबे ने अमर दुबे व अन्य अपराधियों के संग मिलकर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। अमर दुबे को विकास दुबे का दायां हाथ माना जाता था। पुलिस ने उसे हमीरपुर जिले के मौदाहा में मार गिराया था।
जब पुलिसकर्मी बिकरू गांव में एनकाउंटर में मारे गए अमर की जानकारी देने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उसका पिता अभी भी जिंदा है। खबरी पुलिस को संजीव के ठिकाने ले गया, जहां वह लगभग सात साल से गुमनामी की जिंदगी जी रहा था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “संजीव जब अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर अपने ठिकाने से बाहर आया तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, उसने बताया कि वह एक दुर्घटना में बाल-बाल बच गया था, लेकिन उसने अपना पैर खो दिया।”
संजीव के ऊपर हत्या की कोशिश, उगाही और लूट समेत 12 मामले चौबेपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “वह सात वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना के बाद अंडरग्राउंड हो गया था और परिवार वालों से यह खबर फैलाने के लिए कहा था कि वह मर गया है, ताकि उसके विरुद्ध चल रहे सारे आपराधिक मामले बंद हो जाएं।”
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश अमर दुबे के पिता संजय दुबे बिकरू गांव में एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान जिंदा हो उठे। इसी गांव में विकास दुबे ने अमर दुबे व अन्य अपराधियों के संग मिलकर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। अमर दुबे को विकास दुबे का दायां हाथ माना जाता था। पुलिस ने उसे हमीरपुर जिले के मौदाहा में मार गिराया था।
जब पुलिसकर्मी बिकरू गांव में एनकाउंटर में मारे गए अमर की जानकारी देने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उसका पिता अभी भी जिंदा है। खबरी पुलिस को संजीव के ठिकाने ले गया, जहां वह लगभग सात साल से गुमनामी की जिंदगी जी रहा था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “संजीव जब अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर अपने ठिकाने से बाहर आया तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, उसने बताया कि वह एक दुर्घटना में बाल-बाल बच गया था, लेकिन उसने अपना पैर खो दिया।”
संजीव के ऊपर हत्या की कोशिश, उगाही और लूट समेत 12 मामले चौबेपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “वह सात वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना के बाद अंडरग्राउंड हो गया था और परिवार वालों से यह खबर फैलाने के लिए कहा था कि वह मर गया है, ताकि उसके विरुद्ध चल रहे सारे आपराधिक मामले बंद हो जाएं।”
7 साल बाद जिंदा निकला मारे गए गैंगस्टर अमर दुबे का पिता
Reviewed by Realpost today
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July 11, 2020
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